सीआरपीएफ की एक महिला कांस्टेबल ने इस्तगासे के आधार पर सीआरपीएफ कांस्टेबल के विरूद्ध छह वर्ष तक देह शोषण करने, गर्भपात करवाने तथा वेतन पर चार लाख रुपए का लोन लेकर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कराया है।
पुलिस के अनुसार सीआरपीएफ अजमेर में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत बास मुंदी गांव की 26 वर्षीय महिला कांस्टेबल ने रिपोर्ट दी कि आरोपी सरदारपुरा राजगढ़ निवासी मनवीर पुत्र राजपाल जाट तथा वह खुद सीआरपीएफ में कार्यरत हैं। एक ही तहसील के होने के कारण जान-पहचान हो गई। आरोपी ने अपने आप को जाखड़ गौत्र का बताते हुए शादी का प्रस्ताव रखा, तो उसने हां कर दी। इसके बाद 14 फरवरी 2011 को आरोपी ने उसके साथ शादी का रजिस्ट्रेशन करवा लिया। इसके बाद 20 फरवरी 2012 तक उसे कस्बे के वार्ड 25 में दुलीचंद छिंपा के मकान में रखा। मार्च व अप्रैल में द्वारका सेक्टर, दिल्ली तथा मई, 2012 से दिसंबर, 2016 तक सीआरपीएफ बटालियन के पास किराए के मकान में और एक जनवरी, 2017 से सीआरपीएफ क्वार्टर अजमेर में रखा।
रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी व उसका एक ही गोत्र होने के बावजूद आरोपी ने उसको सत्यता बताए बिना गलत जानकारी देकर शादी कर ली और शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी ने वर्ष 2014 व 15 में कमांडो कोर्स करवाने का नाम लेकर उसका गर्भपात भी करवाया। धोखे में रखकर उसके वेतन पर चार लाख रूपए का लोन लेकर प्लाट खरीदा और अपने नाम करवा लिया।
अन्य लड़की से शादी की तैयारी
युवती ने रिपोर्ट में बताया है कि आरोपी मनवीर 22 अप्रैल को छुट्टी लेकर अपने गांव सरदारपुरा आ गया। उसे पता चला कि वह किसी अन्य लड़की के साथ 16 मई को शादी कर रहा है, तो उसने 27 अप्रैल को उसे राजगढ़ बुलाया। उसने अन्य लड़की के साथ शादी करने के बारे में उलाहना दिया, तब आरोपी ने कहा कि वह जाखड़ गोत्र का नहीं, बल्कि पूनिया गोत्र का। मुझे तो छल करके तुझसे विवाह करने का ड्रामा करके तुम्हारा देह शोषण करना था।
