राजस्थान का कृषि विभाग अब उर्वरकों खास तौर से यूरिया खाद की होने वाली कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए इसकी बिक्री पोस (कार्ड स्वैप मशीन या पाइंट ऑफ सेल मशीन) के जरिए करने जा रहा है. 1 जून 2017 से पूरे प्रदेश में यह नई व्यवस्था लागू हो जाएगी. कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने गुरुवार को टोंक जिले के 422 उर्वरक विक्रेताओं को पोस मशीन सौंपते हुए इसकी शुरुआत की.
बता दें कि राजस्थान में नागरिक खाद्य एवं आपूर्ती विभाग पहले ही राशन सामग्री की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए पोस मशीन व्यवस्था लागू कर चुका है. और इस विभाग को कालाबाजारी पर अंकुश लगाने में मिली सफलता के बाद ही अब कृषि विभाग भी अपना रहा है.
न कालाबाजारी होगी न जरूरत से ज्यादा भंडारन
एईटीसी के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री सैनी ने एक किसान को पोस मशीन से उर्वरक प्रदान किए जाने की प्रक्रिया को पूर्ण कर इसका प्रदर्शन देखा. उन्होंने कहा कि इसके बाद न ही तो बड़े उर्वरक विक्रेता यूरिया की कालाबाजारी कर पाएंगे न ही किसान ज़रूरत के ज्यादा यूरिया का भंडारण अपने पास कर पाएंगे.
